संविदा आधार पर नियुक्ति पाए स्वास्थ्य कर्मचारी अब नियमित नियुक्ति की मांग को लेकर आंदोलन की राह पर है।
स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के बैनर तले आंदोलन कर रहे इन कर्मचारीयों में लैब टेक्निशियंस और स्टाफ नर्स शामिल है।
प्रदेश भर में संविदा आधार पर नौकरी करने वाले कर्मचारी अब आर पार के मुड में नजर आ रहे है। चुनावी साल को देखते हुए कर्मचारी संघ ने दबाव बढा दिया है।
उल्लेखनीय है कि, प्रदेश के स्वास्थ्य अमले में संविदा आधार पर काम करने वाले कर्मचारीयों की संख्या कुछ इस तरह है कि, यदि वे हट जाएं तो पूरी व्यवस्था ही चरमरा जाएगी।
संविदा आधार पर बरसों से नौकरी कर रहे कर्मचारीयों को उम्मीद थी कि, जल्द ही उन्हे नियमित कर दिया जाएगा लेकिन नियमितीकरण नहीं हुआ।
सन 2001 से संविदा आधार पर लैब टेक्नीशियसऔर आंदोलन में शामिल जैनुल हसन फिरदौसीसरकार की संविदा नीति पर सवाल उठाते हुए पूछते है आज नहीं तो कल नियमित होंगे की उम्मीद ने उन जैसे कईयों की उमर ही पार करा दी और अब भी यह तय नही है कि भविष्य क्या होगा ।
हर जिले में धरना प्रदर्शन का सिलसिला खत्म होने के बाद ये कर्मचारी आंदोलन को और उग्र करेंगे।संविदा आधार पर नौकरी करने वाले ये कर्मचारी यदि काम बंद करेगे तो स्वास्थ्य विभाग जो पहले ही बदहाल है वहा चुनावी साल मे और कबाडा होगा जाहिर है सरकार ऐसा कुछ नहीं चाहेगी जो सरकार की गलत इमेज बनाए ये बात संविदा कर्मचारी भी जानते है इसलिए दबाव बनाने में वे कोई कसर नहीं छोडने वाले।
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