Friday, 16 December 2011
Saturday, 15 October 2011
amway
अनोखा व्यवसाय Unique business
सभी के सपने ? प्रतिदिन १-२ घंटे----२-५ वर्ष में ५०,००० -५ लाख प्रतिमाह पैसे
१. अति सुन्दर घर कामा सकते है जो sharp , Ambitious लोग है जो ११ सपने का
२ बच्चो की अच्छी पढ़ाई ( अग्रेजी स्कूल में ) बात कर रहू ?आपने JOB/T/B करते हुवे इस कार्य करे
३ अपनी माता - पिता का सेवा करना ? ----------------------------------------------------------------------
४ परिवार के लिए समय
५ परिवार के लिए आर्थिक सुरक्षा Job पैसा + समय + आर्थिक सुरक्षा + अपनी पहचान
६ बच्चो की शादी शानदार ____________________________________________
७ वेदेशी कार T / B
८ पत्नी के जन्म दिन में हीरे -मोती -सोना उपहार ___________________________________________
९ हर साल वेदेशी यात्रा हर साल
१० अपने समाज में दान -पुन्य करना जिन भाइयो के पास ये चारो है उसके पास सब विश्य सब है
११ असहाय , नेत्रहीन की मदद करना हमारे अनोखा व्यवसाय में ये सब कुछ है Friendsबिज के दलाल
हमको खरीदने की आदत को बदलनी होगी यो कैसे हम जो सामान बाजार से खरीदते है उसे बंद करना होगा ? वो क्यों भाई
M / C - T.V.- CNDF-W- R
अगर एक पेन का मूल्य १० / है फैट्री में उसका मूल्य सिर्फ ४ होता है ६ रुपये बिज के दलाल लेलेते है आपका एक माह का राशन ५,०००/
३,०००/ रुपए बिच के दलाल ले रहे है आपका एक माह का राशन सिर्फ २,०००/ है अब हमको अपनी दुकान से सामान लेना है इस्तेमाल करना है FRIENDS F - FRIENDS R -RELATIVES I-INSTITUTE -E -engineers - N -neighbor पगोसी D-doctors-S-strangers
अनोखा व्यवसाय के लिये ९९५ का (१). १५-२० % (२) मनी बेक गर. (३) होम डिलवरी (४) ९० दिनी तक अनोखा व्यवसाय ९९५ वापस
९० देशो में है , 1998 में भारत में ,1959 अमरीका ५० साल पुराना कपनी है
होम केयर , पार्सल केयर , स्किन केयर , health केयर ,कृषि , बीमा है
R.I -4% २०० साल तक , पुची नहीं लगता है , भारत सरकार टैक्स सबसे जयादा देता है , १२५ से जयादा प्रोड० ,
सभी के सपने ? प्रतिदिन १-२ घंटे----२-५ वर्ष में ५०,००० -५ लाख प्रतिमाह पैसे
१. अति सुन्दर घर कामा सकते है जो sharp , Ambitious लोग है जो ११ सपने का
२ बच्चो की अच्छी पढ़ाई ( अग्रेजी स्कूल में ) बात कर रहू ?आपने JOB/T/B करते हुवे इस कार्य करे
३ अपनी माता - पिता का सेवा करना ? ----------------------------------------------------------------------
४ परिवार के लिए समय
५ परिवार के लिए आर्थिक सुरक्षा Job पैसा + समय + आर्थिक सुरक्षा + अपनी पहचान
६ बच्चो की शादी शानदार ____________________________________________
७ वेदेशी कार T / B
८ पत्नी के जन्म दिन में हीरे -मोती -सोना उपहार ___________________________________________
९ हर साल वेदेशी यात्रा हर साल
१० अपने समाज में दान -पुन्य करना जिन भाइयो के पास ये चारो है उसके पास सब विश्य सब है
११ असहाय , नेत्रहीन की मदद करना हमारे अनोखा व्यवसाय में ये सब कुछ है Friendsबिज के दलाल
हमको खरीदने की आदत को बदलनी होगी यो कैसे हम जो सामान बाजार से खरीदते है उसे बंद करना होगा ? वो क्यों भाई
M / C - T.V.- CNDF-W- R
अगर एक पेन का मूल्य १० / है फैट्री में उसका मूल्य सिर्फ ४ होता है ६ रुपये बिज के दलाल लेलेते है आपका एक माह का राशन ५,०००/
३,०००/ रुपए बिच के दलाल ले रहे है आपका एक माह का राशन सिर्फ २,०००/ है अब हमको अपनी दुकान से सामान लेना है इस्तेमाल करना है FRIENDS F - FRIENDS R -RELATIVES I-INSTITUTE -E -engineers - N -neighbor पगोसी D-doctors-S-strangers
अनोखा व्यवसाय के लिये ९९५ का (१). १५-२० % (२) मनी बेक गर. (३) होम डिलवरी (४) ९० दिनी तक अनोखा व्यवसाय ९९५ वापस
९० देशो में है , 1998 में भारत में ,1959 अमरीका ५० साल पुराना कपनी है
होम केयर , पार्सल केयर , स्किन केयर , health केयर ,कृषि , बीमा है
R.I -4% २०० साल तक , पुची नहीं लगता है , भारत सरकार टैक्स सबसे जयादा देता है , १२५ से जयादा प्रोड० ,
Friday, 1 July 2011
Friday, 24 June 2011
Dev-Dilse: कौन कहता है तुझे मैंने भुला रक्खा हैतेरी यादों को...
Dev-Dilse: कौन कहता है तुझे मैंने भुला रक्खा है
तेरी यादों को...: "कौन कहता है तुझे मैंने भुला रक्खा है तेरी यादों को कलेजे से लगा रक्खा है लब पे आहें भी नहीं आँख में आँसू भी नहीं दिल ने हर राज़ मुहब्बत का ..."
तेरी यादों को...: "कौन कहता है तुझे मैंने भुला रक्खा है तेरी यादों को कलेजे से लगा रक्खा है लब पे आहें भी नहीं आँख में आँसू भी नहीं दिल ने हर राज़ मुहब्बत का ..."
रंग-बिरंगे बाल, सेहत का बुरा हाल
परमानेंट हेयर कलर करवाने वालों को बाद में त्वचा संबंधी दिक्कतों सामना करना पड़ता है। इसलिए यदि हेयर कलर करवाना भी हो तो परमानेंट के बजाय टेम्परेरी कलर करवाएं तो बेहतर है। परमानेंट हेयर कलर में अधिक मात्रा में अमोनिया होता है। जो बालों को सफेद करने के अलावा उनकी कोमलता खत्म कर देता है। इसके इस्तेमाल से कम उम्र में ही युवाओं के बाल अधिक झड़ने का खतरा हो जाता है। इसलिए जहाँ तक हो सके तो परमानेंट हेयर कलर के इस्तेमाल से बचना चाहिए ताकि शौक के चक्कर में सर के बाल न गंवाने पड़ें। हेयर कलर से होते हैं यह नुकसान : बालों का झड़ना, बालों का सफेद होना, सांस लेने में दिक्कत, गले में कफ जमना, सर्दी-जुकाम, त्वचा में जलन, एलर्जी, आंखें लाल होना, खुजली।
मीठा खाएं, डिप्रेशन भगाएं
चीनी का प्रयोग अवसाद को दूर करने में किया जाता है। शरीर के शुगर लेवल को ठीक कर नई ऊर्जा देता है। जब भी आप लो फील करें, चीनी से बने पदार्थों का सेवन करें। जूस का एक ग्लास, एक टुकड़ा केक या फिर एक दो चम्मच डेसर्ट को खाकर आप पहले जैसे तरोताजा महसूस कर सकते हैं। जैम और टोस्ट : कार्बोहाइड्रेट का सेवन अवसाद के मरीजों के लिए लाभकारी होता है। इसलिए ब्रेड में पाए जाने वाले कार्बोहाइड्रेट पर जैम लगाकर खाने से अच्छा महसूस करते हैं। ब्रेड की जगह आप मफिंस, ओट मिल्क भी ले सकते हैं। अंडे : संडे हो या मंडे रोज खाओ अंडे इस विज्ञापन में कही गई बात सौ फीसदी सही है। अंडे में पाए जाने वाला डीएचए 50 फीसदी अवसाद को ठीक कर सकता है। साथ ही शरीर को निरोगी रखता है। पालक : पालक में विटामीन-बी के साथ आयरन की प्रचुर मात्रा पाई जाती है। इसलिए लो फील करने पर कम से कम दो कप पालक का सूप पीने से इससे आप उबर सकते हैं। आयरन युक्त भोजन करें : आयरन युक्त भोजन से शरीर में ऊर्जा की प्राप्ति होती है। आयरन की सबसे अधिक कमी महिलाओं में होती है इसलिए अकसर वे अवसाद की शिकार हो जाती हैं। इससे बचने के लिए आयरनयुक्त भोजन करना चाहिए।
शाकाहार में है ज्यादा शक्ति
संतुलित शाकाहारी भोजन शरीर को सभी पोषक तत्व प्रदान करता है। यही नहीं,वह हृदय रोग, कैंसर,उच्च रक्तचाप,मधुमेह,जोड़ों का दर्द व अन्य कई बीमारियों से हमें बचाता भी है। उन लोगों में हाई ब्लड प्रेशर ज्यादा पाया गया जो मांस से अधिक प्रोटीन प्राप्त करते थे। शाकाहारी प्रोटीन में एमीनो एसिड पाया जाता है। यह शरीर में जाकर ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है। सब्जियों में एमीनो एसिड के साथ-साथ मैग्नेशियम भी पाया जाता है। यह हमारे रक्तचाप को नियंत्रित रखता है। अधिक मांसाहार करने वाले लोगों में फाइबर की भी कमी पाई गई है। फाइबर हमें अनाज से मिलता है। दाल,फलों का रस और सलाद से कई पोषक तत्व मिलते हैं। ये हमारे शरीर के वजन को भी संतुलित रखते हैं। ज्यादा मांसाहार मोटापा भी बढ़ा देता है। मांस में वसा की मात्रा बहुत होती है। हमारे शरीर को सबसे ज्यादा जरूरत होती है कार्बोहाड्रेट की। अगर आप सोचते हैं कि यह मांस में मिलेगा तो आप गलत हैं,क्योंकि मांस में कार्बोहाइड्रेट बिलकुल नहीं होता। यह ब्रेड,रोटी,केले और आलू वगैरह में पाया जाता है।
टमाटर खाएं, सेहत की लाली पाएं
टमाटर शरीर से विशेषकर गुर्दे से रोग के जीवाणुओं को निकालता है। इसमें भरपूर मात्रा में कैल्शियम, फास्फोरस व विटामिन-सी पाए जाते हैं। एसिडिटी की शिकायत होने पर टमाटरों की खुराक बढ़ाने से यह शिकायत दूर हो जाती है। हालांकि टमाटर का स्वाद खट्टा-सा होता है, लेकिन यह शरीर में खारी प्रतिक्रियाओं को जन्म देता है।इसके खट्टे स्वाद का कारण यह है कि इसमें साइट्रिक एसिड और मैलिक एसिड पाए जाते हैं। अपने खट्टेपन की वजह से ही यह एंटासिड के रूप में काम करता है। मधुमेह के रोगियों के लिए भी टमाटर बहुत उपयोगी होता है। यह पेशाब में चीनी के प्रतिशत पर नियंत्रण पाने के लिए प्रभावशाली होता है। साथ ही कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम होने के कारण इसे एक उत्तम भोजन माना जाता है।टमाटर में विटामिन 'ए' काफी मात्रा में पाया जाता है, यह आंखों के लिए बहुत लाभकारी है। टमाटर से पाचन शक्ति बढ़ती है। इसके लगातार सेवन से जिगर बेहतर ढंग से काम करता है और गैस की शिकायत भी दूर होती है। जो लोग अपना वजन कम करने के इच्छुक हैं, उनके लिए टमाटर एक वरदान है। एक मध्यम आकार के टमाटर में केवल 12 कैलोरीज होती है।
मजाक नहीं समझते शराब के नशेड़ी
मिसाल के तौर पर देखा गया है कि शराब के नशेड़ी चुटकुले नहीं समझ पाते हैं. जर्मन न्यूरोसाइकोलॉजिस्ट जेनिफर उएकरमान्न व ब्रिटिश वैज्ञानिकों के एक शोध से पता चला है कि चुटकुलों पर मस्तिष्क के जिस हिस्से में प्रतिक्रिया होती है, शराब के नशेड़ियों में वह हिस्सा कुंद हो जाता है. जेनिफर उएकरमान्न बताती हैं कि इस अध्ययन में उनका काम था इंटरनेट से चुटकुलों को छांटना. इसकी खातिर उन्होंने लगभग 20 हजार चुटकुले पढ़े. उनको चुनने के मामले में कुछ एक बातों पर ध्यान देना पड़ा. मिसाल के तौर पर यह कि अल्पसंख्यकों के खिलाफ कोई चुटकुला न हो.
अंततः 24 चुटकुले छांटे गए, जिनके जरिये पता लगाना था कि चुटकुलों में छिपे सामाजिक मुद्दों पर नशेड़ियों की क्या प्रतिक्रिया होती है.
अंततः 24 चुटकुले छांटे गए, जिनके जरिये पता लगाना था कि चुटकुलों में छिपे सामाजिक मुद्दों पर नशेड़ियों की क्या प्रतिक्रिया होती है.
Tuesday, 19 April 2011
Wednesday, 6 April 2011
Thursday, 31 March 2011
Monday, 28 March 2011
Thursday, 24 March 2011
All facts about hindi song download.: French model in anti-anorexia campaign dies
All facts about hindi song download.: French model in anti-anorexia campaign dies: "PARIS Isabelle Caro, a French actress and model whose emaciated image in a shock Italian ad campaign helped rivet global attention on the..."
Sunday, 20 March 2011
ALL INDIA ISLAHE ANJUMAN SIDDIQUI (R)
ALL INDIA ISLAHE ANJUMAN SIDDIQUI (R), इस संस्था से दिल के मरीजो का इलाज फ्री करवाया जाता है संपर्क करे -जैनुल हसन फिरदौसी ,अंबिकापुर मोबाइल ९४२५२५३१००
Mobile 9425253100 / 9826867584
07774-223608
Mobile 9425253100 / 9826867584
07774-223608
Tuesday, 15 March 2011
Tuesday, 8 March 2011
बीमारियों से जंग हारता भारत
एक ओर जहां भारत दुनिया की उभरती शक्ति होने का दावा कर रहा है वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के मुताबिक भारत की जनसंख्या का एक बड़ा हिस्सा पोलियो, मलेरिया और क्षयरोग से ग्रसित है.
दुनिया के कई प्रगतिशील देशों ने भी इन बीमारियों पर लगभग क़ाबू पा लिया है.
ताज़ा आंकड़ों के अनुसार दुनिया भर के पोलियो के 42 फ़ीसदी, क्षयरोग के 23 फ़ीसदी, कुष्ठरोग के 54 प्रतिशत, काली खांसी के 86 फ़ीसदी और मलेरिया के 55 प्रतिशत पीड़ित भारत में बसते हैं.
विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक़ भारत में कुपोषित शिशुओं की तादाद पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा है.
जानकारों का मानना है कि इन आंकड़ों पर नज़र दौड़ाते वक्त ये भी ध्यान दिया जाना चाहिए कि भारत में स्वास्थ्य से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं जैसे पीने के साफ पानी और स्वच्छता की भी कमी है.
ग़रीबी और कुपोषण पर एक अध्ययन में अरविंद विरमानी का कहना है कि आयु मे बढ़ोतरी और मृत्यु-दर में कमी अलग-अलग बीमारियों पर क़ाबू पाने के नतीजे में नहीं बल्कि पीने के साफ़ पानी और स्वच्छता पर निर्भर करती है.
बुनियादी सुविधाएं
लेकिन यूनिसेफ़ और विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़े इस संबंध में बहुत अच्छी तस्वीर नहीं पेश करते हैं.
रिपोर्ट के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र के सिर्फ 21 प्रतिशत जनसंख्या को 'उन्नत' स्वच्छता सेवाएं उपलब्ध हैं जबकि 69 फ़ीसदी लोग शौच के लिए खुली जगह में जाते हैं.
हालांकि पीने के साफ़ पानी मुहैया करवा पाने के मामले में हालात पहले से बहुत बेहतर हुए हैं.
भारत ने इस क्षेत्र में सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन, ग्रामीण जल आपूर्ति योजना और पूर्ण स्वच्छता अभियान जैसे कार्यक्रमों की शुरुआत की है.
लेकिन कई राज्य इन योजनाओं के लिए दिए गए धन को पूरी तरह ख़र्च नहीं कर पा रहे हैं.
राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत छत्तीसगढ़ में उत्साहर्वधक काम हुआ है लेकिन उड़ीसा में ये बहुत सफल नहीं रहा है.
दुनिया के कई प्रगतिशील देशों ने भी इन बीमारियों पर लगभग क़ाबू पा लिया है.
ताज़ा आंकड़ों के अनुसार दुनिया भर के पोलियो के 42 फ़ीसदी, क्षयरोग के 23 फ़ीसदी, कुष्ठरोग के 54 प्रतिशत, काली खांसी के 86 फ़ीसदी और मलेरिया के 55 प्रतिशत पीड़ित भारत में बसते हैं.
विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक़ भारत में कुपोषित शिशुओं की तादाद पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा है.
जानकारों का मानना है कि इन आंकड़ों पर नज़र दौड़ाते वक्त ये भी ध्यान दिया जाना चाहिए कि भारत में स्वास्थ्य से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं जैसे पीने के साफ पानी और स्वच्छता की भी कमी है.
ग़रीबी और कुपोषण पर एक अध्ययन में अरविंद विरमानी का कहना है कि आयु मे बढ़ोतरी और मृत्यु-दर में कमी अलग-अलग बीमारियों पर क़ाबू पाने के नतीजे में नहीं बल्कि पीने के साफ़ पानी और स्वच्छता पर निर्भर करती है.
बुनियादी सुविधाएं
लेकिन यूनिसेफ़ और विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़े इस संबंध में बहुत अच्छी तस्वीर नहीं पेश करते हैं.
रिपोर्ट के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र के सिर्फ 21 प्रतिशत जनसंख्या को 'उन्नत' स्वच्छता सेवाएं उपलब्ध हैं जबकि 69 फ़ीसदी लोग शौच के लिए खुली जगह में जाते हैं.
हालांकि पीने के साफ़ पानी मुहैया करवा पाने के मामले में हालात पहले से बहुत बेहतर हुए हैं.
भारत ने इस क्षेत्र में सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन, ग्रामीण जल आपूर्ति योजना और पूर्ण स्वच्छता अभियान जैसे कार्यक्रमों की शुरुआत की है.
लेकिन कई राज्य इन योजनाओं के लिए दिए गए धन को पूरी तरह ख़र्च नहीं कर पा रहे हैं.
राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत छत्तीसगढ़ में उत्साहर्वधक काम हुआ है लेकिन उड़ीसा में ये बहुत सफल नहीं रहा है.
Wednesday, 23 February 2011
स्वास्थ्य कर्मचारी दवारा नियमित नौकरी की मांग
संविदा आधार पर नियुक्ति पाए स्वास्थ्य कर्मचारी अब नियमित नियुक्ति की मांग को लेकर आंदोलन की राह पर है।
स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के बैनर तले आंदोलन कर रहे इन कर्मचारीयों में लैब टेक्निशियंस और स्टाफ नर्स शामिल है।
प्रदेश भर में संविदा आधार पर नौकरी करने वाले कर्मचारी अब आर पार के मुड में नजर आ रहे है। चुनावी साल को देखते हुए कर्मचारी संघ ने दबाव बढा दिया है।
उल्लेखनीय है कि, प्रदेश के स्वास्थ्य अमले में संविदा आधार पर काम करने वाले कर्मचारीयों की संख्या कुछ इस तरह है कि, यदि वे हट जाएं तो पूरी व्यवस्था ही चरमरा जाएगी।
संविदा आधार पर बरसों से नौकरी कर रहे कर्मचारीयों को उम्मीद थी कि, जल्द ही उन्हे नियमित कर दिया जाएगा लेकिन नियमितीकरण नहीं हुआ।
सन 2001 से संविदा आधार पर लैब टेक्नीशियसऔर आंदोलन में शामिल जैनुल हसन फिरदौसीसरकार की संविदा नीति पर सवाल उठाते हुए पूछते है आज नहीं तो कल नियमित होंगे की उम्मीद ने उन जैसे कईयों की उमर ही पार करा दी और अब भी यह तय नही है कि भविष्य क्या होगा ।
हर जिले में धरना प्रदर्शन का सिलसिला खत्म होने के बाद ये कर्मचारी आंदोलन को और उग्र करेंगे।संविदा आधार पर नौकरी करने वाले ये कर्मचारी यदि काम बंद करेगे तो स्वास्थ्य विभाग जो पहले ही बदहाल है वहा चुनावी साल मे और कबाडा होगा जाहिर है सरकार ऐसा कुछ नहीं चाहेगी जो सरकार की गलत इमेज बनाए ये बात संविदा कर्मचारी भी जानते है इसलिए दबाव बनाने में वे कोई कसर नहीं छोडने वाले।
स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के बैनर तले आंदोलन कर रहे इन कर्मचारीयों में लैब टेक्निशियंस और स्टाफ नर्स शामिल है।
प्रदेश भर में संविदा आधार पर नौकरी करने वाले कर्मचारी अब आर पार के मुड में नजर आ रहे है। चुनावी साल को देखते हुए कर्मचारी संघ ने दबाव बढा दिया है।
उल्लेखनीय है कि, प्रदेश के स्वास्थ्य अमले में संविदा आधार पर काम करने वाले कर्मचारीयों की संख्या कुछ इस तरह है कि, यदि वे हट जाएं तो पूरी व्यवस्था ही चरमरा जाएगी।
संविदा आधार पर बरसों से नौकरी कर रहे कर्मचारीयों को उम्मीद थी कि, जल्द ही उन्हे नियमित कर दिया जाएगा लेकिन नियमितीकरण नहीं हुआ।
सन 2001 से संविदा आधार पर लैब टेक्नीशियसऔर आंदोलन में शामिल जैनुल हसन फिरदौसीसरकार की संविदा नीति पर सवाल उठाते हुए पूछते है आज नहीं तो कल नियमित होंगे की उम्मीद ने उन जैसे कईयों की उमर ही पार करा दी और अब भी यह तय नही है कि भविष्य क्या होगा ।
हर जिले में धरना प्रदर्शन का सिलसिला खत्म होने के बाद ये कर्मचारी आंदोलन को और उग्र करेंगे।संविदा आधार पर नौकरी करने वाले ये कर्मचारी यदि काम बंद करेगे तो स्वास्थ्य विभाग जो पहले ही बदहाल है वहा चुनावी साल मे और कबाडा होगा जाहिर है सरकार ऐसा कुछ नहीं चाहेगी जो सरकार की गलत इमेज बनाए ये बात संविदा कर्मचारी भी जानते है इसलिए दबाव बनाने में वे कोई कसर नहीं छोडने वाले।
daily surguja: भारत की मिटटी का गर्व हैं बेटियाँ घर परिवार को बनत...
daily surguja: भारत की मिटटी का गर्व हैं बेटियाँ घर परिवार को बनत...: "हमारे देश में जब कोई बेटा जनम लेता है तो सब खुश होते है, पर जब किसी बेटी का जनम होते है मातम सा छा जाता है.कई जगह तो लड़के को स्कूल भेजा जा..."
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